CONTACT US: 0788-2322457 | [email protected]

General Rules


General Rules

1.    प्रवेश सम्बन्धी सर्वाधिकार प्राचार्य के पास सुरक्षित है ।

2.    प्राचार्य एवं प्राध्यापकों के अनुशासनात्मक आदेशों का पालन करना प्रत्येक छात्र के लिए अनिवार्य है ।

3.    प्राचार्य को अनुशासन हीनता के प्रकरणों में छात्रों को महाविद्यालय से निष्कासित करने का अधिकार है

4.    माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार रैगिंग एक दंडनीय अपराध है । रैगिंग मे लिप्त विद्यार्थियों को महाविद्यालय से निष्काषित किया जा    सकता है ।  

5.    प्रत्येक कालखंड में नियमित उपस्थिति अनिवार्य है ।

6.    महाविद्यालय परिसर को स्वच्छ रखना प्रत्येक छात्र का कर्त्तव्य है ।

7.    महाविद्यालय के उपकरणों को नुकसान पहुंचना दंडनीय अपराध है ।

8.    महाविद्यालय परिसर में शालीन व्यवहार करे, अभद्र व्यवहार, असंसदीय भाषा प्रयोग, गाली गलौच, मारपीट या अस्त्रों का प्रयोग न करे ।

9.    महाविद्यालय परिसर मे मोबाइल एवं पोलिथीन का प्रयोग पूर्णतः प्रतिबंधित है । 

Library Rules

1.    छात्रों को एक समय में एक ही पुस्तक मिल सकती है जिसे वह 15 दिनों तक रख सकता है ।

2.    पुस्तकालय की पुस्तकों में लिखना, रेखांकित करना, पृष्ठ निकालना या किसी प्रकार की क्षति पहुंचना दंडनीय है ।

3.    पुस्तकों को गुमा देने पर पुस्तक की कीमत की राशि वसूल की जाएगी ।

4.    पुस्तकालय की पुस्तकें निर्मलता प्रमाण पत्र प्राप्त करने के पूर्व वापस करनी होगी ।

5.    निर्धारित समय पर पुस्तकें वापस करना अनिवार्य है ।

6.    वाचनालय में सम सामयिक पत्र पत्रिका एवं समाचार पत्रों की पृथक सुविधा उपलब्ध है ।

Exam Related Rules

  1. विश्वविद्यालय की परीक्षाओं मे सम्मिलित होने के लिए 75 प्रतिशत उपस्थिती अनिवार्य है ।
  2. सभी जाँच परीक्षाओं में विद्यार्थी को सम्मिलित होना आवश्यक है । 
  3. परीक्षा मे या किसी प्रकार का अनुचित लाभ लेने या अनुचित साधनो का प्रयोग करने का प्रयत्न गंभीर प्रकरण माना जाएगा ।

Ragging

माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार रैगिंग दंडनीय अपराध है । अतः विद्यार्थी निम्नलिखित बिन्दुओं पर ध्यान देवें ।

  • किसी विद्यार्थी के विरुद्ध रैगिंग की शिकायत मिलने पर उसके विरुद्ध तत्काल एफ.आई.आर. दर्ज करवायी जायेगी ।
  • रैगिंग के आरोपी विद्यार्थी का महाविद्यालय से निष्कासन कर दिया जायेगा ।
  • पूर्व मे रैगिंग मे लिप्त विद्यार्थी को महाविद्यालय की किसी भी क्लास मे प्रवेश नहीं दिया जायेगा ।
  • छत्तीसगढ़ विश्वविद्यालय अधिनियम 1973 के अधीन बनाए गए अध्यादेश क्रमांक 7 की धारा 13 के अनुसार महाविद्यालय के छात्र छात्राओं द्वारा महाविद्यालय में अथवा बाहर अनुशासन भंग किए जाने या दुराचरण किए जाने पर अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिए प्राचार्य सक्षम है ।
  • अनुशासनहीनता के लिए उक्त अध्यादेश में निम्नांकित दंड का प्रावधान है ।

                (1) निलंबन    (2) निष्कासन   (3) विश्वविद्यालय परीक्षा में सम्मिलित होने से रोकना ।